गंजेपन का घरेलु उपचार || Ganjapan ||

सभी साथियों को वंदेमातरम आज हम इस लेख मैं बालों से जुडी समस्या का कारण और उपचार जानेंगे ! बाल हमारे जीवन मैं हमारी सुन्दरता को और भी सुन्दर बनाते हैं मगर अचानक से बालों का गिरना, टूटना और धीरे-धीरे गंजापन आना इन सभी कारण से हम अपने बालों या यु कहे अपने आप को भी छुपाने लगते हैं समय रहते अपने बालों को गंजेपन को कैसे रोके आइये जानते हैं 

   बालों से जुडी समस्या का कारण और उपचार   

 

गंजापन क्या है ?

किसी व्यक्ति के बालों का समय से पहले झड़ जाने का रोग गंजापन कहलाता है। बहुत से लोगों में गंजेपन का रोग अनुवांशिक कारणों से भी होता है जैसे किसी व्यक्ति के पुराने पूर्वजों के समय से ही गंजेपन का रोग होता है।

 

गंजापन का कारण ?

यह रोग अप्राकृतिक दवायों ,साबुन , खुशबूदार तेल,शैंपू के दुष्प्रभाव से व कब्जियत व मानसिक तनाव से हो जाता है।

 

गंजेपन का घरेलु उपचार

•  धनिया पत्ता, मेथी दाना,अदरक की दो चम्मच चटनी बनाकर मात्रा की कोई कम ज्यादा हो कोई दिक्कत नहीं इसे छानकर इसमे एक दो चम्मच एलोवेरा रस ,तिल का तेल या जैतून का तेल अच्छे से मिलकर बालो की जड़ो में लगाये व बचने बालो पर 2 घण्टे बाद बाल धो लें

•  भृगराज, ब्राह्मी,आँवला तीनो तेल बराबर मात्रा में लेकर मिलाकर रखें व उपयोग करते वक्त जितने तेल में आपके बाल व इसकी जड़ में लगाने की आवश्यकता हो इस तेल में प्याज का रस बराबर मात्रा में मिलाकर लगाये सुबह शाम सब्र के साथ 90 से 180 दिन करें परिणाम सकारात्मक मिलेगा | 

 

1. केला

•  पके केले के गूदे को नींबू के रस में मिलाकर लगाने से गंजेपन का रोग मिट जाता है।

 

2. कटेरी

• कटेरी के पत्तों के 20-50 मिलीलीटर रस में थोड़ा शहद मिलाकर गंजे सिर पर मालिश करने से कुछ ही दिनों में कीटाणु खत्म हो जाते हैं। इससे त्वचा मुलायम हो जाती है और गंजे स्थान पर नये बाल आ जाते हैं।

 

3. हारसिंगार

• हारसिंगार के बीजों को पानी के साथ पीसकर सिर के गंजेपन की जगह लगाने से सिर में नये बाल आना शुरू हो जाते हैं।

 

4. अरण्डी  (एरण्ड)

• अरण्डी (एरण्ड) या सरसों के तेल में हल्दी जलाकर छान लें और इसमें थोड़ा सा कपूर मिलाकर सिर के गंजे जगह पर मालिश करें। इससे सिर पर बाल उगना शुरू हो जाते हैं।

 

5. अलसी (तीसी)

• अलसी के तेल में बरगद (वटवृक्ष) के पत्तों को जलाने के बाद उसे पीसकर और छानकर रख लें। इस तेल को सुबह-शाम सिर में लगायें। इसी तरह इसे लगाते रहने से सिर पर फिर से बालों का उगना शुरू हो जाता है

 

6. पत्तागोभी

• पत्तागोभी के रस से एक महीने तक सिर पर मालिश करने से गंजेपन का रोग सही हो जाता है।

 

7. मेथी

• मेथी के बीजों को बालों में लेप करने से बालों का झड़ना बन्द हो जाता है।

• दाना मेथी पीसकर गंज के स्थान पर रोजाना लेप करने से बाल उग जाते हैं।

 

8. गोरखमुण्डी

• 5 ग्राम गोरखमुण्डी के चूर्ण को सुबह पानी के साथ सेवन करने से बालों का झड़ना कम हो जाता है।

 

9. भंगरैया

• भंगरैया का रस रोजाना गंजे सिर में मालिश करने और उसका रस 5-10 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम सेवन करने से गंजेपन का रोग दूर हो जाता है।

 

10. चुकन्दर

• चुकन्दर के पत्ते का रस सिर में मालिश करने से गंजेपन का रोग मिट जाता है और नये बाल आना शुरू हो जाते हैं।

 

11. आमलकी

• आमलकी फल मज्जा और आम के बीज जिनका छिलका उतार दिया गया हो पानी में लेप तैयार कर उपयोग में लाने से गंजेपन से लाभ होगा।

 

12. सुहागा

• 20 ग्राम सुहागा और 20 ग्राम कपूर दोनों को बारीक पीसकर पानी में घोलकर, बाल धोने से बालों का गिरना कम हो जाता है।

 

13. धतूरा

• धतूरे के रस को सिर पर मलने से बाल उगने में सहायता मिलती है। इसका प्रयोग नियमित रूप से कुछ हफ्तों तक करना चाहिए।

• धतूरे के पत्तों के रस का लेप करने से खालित्य (गंजापन) नष्ट हो जाता है।

 

14. दूधी

• इसके पंचांग (जड़, तना, पत्ती, फल और फूल) के रस और कनेर के पत्तों के रस को मिलाकर सिर के गंजे स्थान पर लगाने से बाल सफेद होना बन्द हो जाते हैं तथा गंजापन दूर हो जाता है।

 

15.  नारियल का नीला तेल

• गंजेपन के रोग में सूर्य किरण और रंग चिकित्सा के माध्यम से तैयार सूर्य चार्ज नारियल का नीला तेल (नीली काँच की बोतल में शुद्ध नारियल तेल रख 15 से 30 दिन सूर्य की रौशनी में 8 से 10 घण्टे नियमित रखें) दिन में 2 3 बार सिर पर अच्छी तरह से लगाने से लाभ होता है। इसके साथ ही नीले सैलोफिन कागज से 5-10 मिनट सूर्य की रोशनी देने से गंजापन दूर होकर सिर में नए बाल पैदा हो जाते हैं।

नोट : – इस तेल को धूप में खड़े होकर और अच्छी तरह से सिर की चमड़ी में लगाना चाहिए। “

 

16. कलौंजी

• जली हुई कलौजी हेयर आइल में मिलाकर नियमित रूप से गंजेपन में मालिश करने से लाभ होता है।

 

17. गुड़हल

•  गुड़हल के फूल के फल को कालीगाय के मूत्र के साथ पीसकर गंजेपन की जगह पर लगाने से गंजेपन का रोग मिट जाता है। इससे बालों के बढ़ने में भी लाभ होता है

   नोट  : –     “इसके बीज गोलाकर और अनेक बीजों से युक्त होते हैं। ”

 

18. लता करंज

• लता करंज के तेल को सिर में लगाने से गंजापन में लाभ होता है।

• लता करंज के फूल 6 से 12 ग्राम को पीसकर सिर में लेप करके से सिर का गंजापन दूर होता है।

 

19. उड़द

• उड़द की दाल को उबालकर पीस लें। रात को सोने के समय सिर पर लेप करें। इससे गंजापन धीरे-धीरे दूर हो जाता है और नये बाल आना शुरू हो जाते हैं।

 

20. अनार

• अनार के पत्ते पानी में पीसकर सिर पर लेप करने से गंजापन दूर हो जाता है। प्रतिदिन मीठा अनार खाने से पेट मुलायम रहता है तथा कामेन्द्रियों को बल मिलता है।

 

21. हाथी-दांत

• हाथी-दांत की राख में बकरी का दूध और रसौत को मिलाकर सिर पर लेप करने से बाल उगने लगते हैं।

 

22. झाऊ

• 100 ग्राम झाऊ की जड़ छाया में सुखाकर दरदरा यानी मोटा-मोटा कूटकर 500 मिलीलीटर पानी में उबालें, 100 मिलीलीटर पानी रह जाने पर निथारकर 100 मिलीलीटर तिल के तेल में जलायें, फिर इसे ठंड़ा कर लेने के बाद बालों में लगाएं। इससे बालों का झड़ना भी कम हो जाता है।

 

23. कालीमिर्च

• कालीमिर्च और नमक का चूर्ण प्याज के साथ पीसकर लगाने से सिर का दाद और बालों के झड़ने की शिकायत से राहत मिलती है| 

 

24. प्याज

• प्याज का रस शहद में मिलाकर गंजेपन की जगह पर लगाने से फिर से बालों का उगना शुरू जाता है।

• गंज (सिर पर कहीं से बाल उड़ जाने को गंज कहते हैं) वाले भाग पर प्याज का रस रगड़ने से बाल वापस उगने लगते हैं और बाल गिरने रुक जाते हैं।

• प्याज के रस में नमक और कालीमिर्च का पाउड़र मिलाकर मालिश करने से सिर की दाद के कारण सिर के उड़ गये बाल फिर से आने लगते हैं।

 

25. महानिम्ब (बकायन)

• महानिम्ब के बीज के बीचले भाग (मध्य भाग) लगभग 1 ग्राम का चौथाई भाग से 1 ग्राम या छाल का चूर्ण 3 ग्राम से 6 ग्राम सेवन करने से लाभ होता है। इसे दिन में 2 बार यानी सुबह-शाम दें अथवा इसके पत्ते का रस 5 से 10 मिलीलीटर तक भी दे सकते हैं। इससे गंजेपन के रोग में लाभ होता है।

 

26. करंज

• करंज के फूलों को पीसकर सिर में बांधने से गंजेपन से लाभ होता है और नये बालों का आना शुरू हो जाता है। इसे रोजाना रात को बांधें और सुबह नींबू के रस मिले पानी से साफ कर लें।

 

27. तम्बाकू

• 20-20 ग्राम तम्बाकू का जला गुल और कनेर के पत्ते को 100 मिलीलीटर सरसों के तेल में जलाकर ठंड़ा कर मिला लें और इसे सिर में लगायें। इससे सिर के बाल आना शुरू हो जाते हैं।

 

28. करजनी (गुंजा)

• करजनी के बीजों का मिश्रण गंजेपन पर लगाने से नये बाल उगने शुरू हो जाते हैं। इसे रोजाना रात में लगाकर सिर को बांधे और सुबह नींबू रस मिले पानी से साफ कर लें। इससे लाभ होता है।
• गुंजा के बीजों के साफ तेल को उपयोग में लाने से बालों में लाभ होता है।

 

29. रोहिस घास

• रोहिस घास के पत्तों का तेल सिर में मालिश करने से गंजेपन के रोग में लाभ होता है और नये बाल निकल आते हैं।

 

30. आम

• एक साल पुराने आम के अचार के तेल से रोजाना मालिश करें। इससे गंजेपन का रोग कम हो जाता है।

 

31. कबीला

• 5-5 ग्राम कबीला, कच्चा सुहागा तथा कम भुनी राई को एक साथ पीसकर सिर के गंजेपन पर सरसों के तेल में मिलाकर लेप करें। इससे गंजेपन का रोग मिट जाता है।

 

32. वन्यकाहू

• वन्यकान्हू के बीज और कूठ को एक साथ पीसकर लेप करने से गंजेपन और बालों के झड़ने में कमी आती है।

 

33. फिटकरी

5-5 ग्राम फिटकरी और छड़ेला को पानी के साथ पीसकर गंजेपन की जगह 3-4 दिनों तक लगाने से गंजेपन का रोग मिट जाता  है

 

34. अनन्तमूल

• 2 ग्राम अनन्तमूल की जड़ का चूर्ण रोजाना खाने से सिर के बाल उग आते हैं और सफेद बाल काले होने लगते हैं।

 

35. धनिया

• धनिया का पानी निकालकर (पत्ते का रस) सिर पर मालिश करने से गंजेपन का रोग मिट जाता है और नये बाल आना शुरू हो जाते हैं। सिर पर हरे धनिये का रस लगाने से बाल निकल आते हैं।

 

36. रोजमरी

• रोजमरी के तेल का प्रयोग गंजेपन और बालों के झड़ने में किया जाता है।

 

37. अमरबेल

• अमरबेल के रस को रोजाना सिर में मालिश करने से बाल उग आते हैं।

• बालों के झड़ने से उत्पन्न गंजेपन को दूर करने के लिए गंजे हुए स्थान पर अमर बेल को पानी में घिसकर लेप तैयार कर लें, इस लेप को नियमित रूप से दिन में दो बार लगभग चार या पांच हफ्ते तक लगाएं। इससे अवश्य फायदा होगा।

 

38. ग्वारपाठा

• रक्त घृत कुमारी (जिसमें नारंगी और कुछ लाल रंग के फूल लगते हैं) के गूदे को स्प्रिट में गलाकर सिर में लेप करने से बाल काले हो जाते हैं तथा गंजे सिर में लगाने से बाल उग जाते हैं।

 

39. रसांजन (रसोत)

• हाथी-दांत की राख में रसांजन और बकरी का दूध मिलाकर सिर पर लेप करने से गंजेपन का रोग मिट जाता है।

 

40. जमालगोटा

• नींबू के रस में जमालगोटे के बीजों को पीसकर सिर पर लगाएं। सूखने पर कुछ ही देर में धो लें इसे हर रोज लगाते रहने से गंजेपन के रोग में लाभ होगा।

 

41. लहसुन

• सिर में लहसुन का रस लगाने से बाल उग जाते हैं। इसका प्रयोग 60 दिनों तक करने से गंजापन दूर कर सकते हैं।

 

42. जातीपत्र

• जातीपत्र, करंज बीज, वरुण छाल, करवीर मूल और चित्रक सभी को बराबर मात्रा में लेकर मिश्रण बनाकर साफ किया तेल उपयोग में लाना चाहिए। इससे बालों को लाभ होता है।

 

43. मुलहठी

• मुलहठी का पाउडर, दूध और थोड़ी-सी केसर का पेस्ट बनाकर नियमित रूप से सिर में लगायें। अधिक रूसी होने पर तथा बाल अधिक झड़ने पर सिर पर मुलहठी लगाने से लाभ होता है

 

44. गुड़हल

•  गंजापन दूर करने के लिए कालीगाय के मूत्र में गुड़हल के फूलों को पीसकर लगाने से बाल बढ़ जाते हैं और गंजापन भी दूर होता है।

• गुड़हल के पत्तों को पीसकर लुग्दी बनाकर बालों में लगा लें। 2 घंटे के बाद बालों को धोकर साफ कर लें। इस प्रयोग को नियमित रूप से करते रहने से न केवल बालों को पोषण मिलता है बल्कि सिर में ठंडक का भी अनुभव होता है।

• गुड़हल के ताजे फूलों के रस में बराबर मात्रा में जैतून का तेल मिलाकर आग में पका लें। जब केवल तेल शेष रह जाए तो इसे शीशी में भरकर रख लें। इस तेल को बालों में मलकर जड़ों तक लगाने से बाल चमकीले और लंबे होते हैं।

• गुड़हल के फूल और भृंगराज के फूल को भेड़ के दूध के साथ पीसकर लोहे के बर्तन में रख दें। 7 दिनों के बाद इसे निकालकर भृंगराज के रस में मिलाकर लोहे के बर्तन में रख दें। 7 दिनों के बाद निकालकर भृंगराज के पंचांग के रस में मिलाकर, रात को गर्म करके बालों में लगायें। सुबह उठकर सिर को धो लें। इससे बाल काले हो जाते हैं।

 

45. नींबू

• रोजाना 1 से 2 महीने तक लगातार नींबू का रस रगड़ने से बाल वापस उग आते हैं।

 

46. नीम

• नीम के पत्ते 10 ग्राम तथा बेर के पत्ते 10 ग्राम लेकर दोनों को अच्छी तरह पीसकर इसका उबटन (लेप) तैयार कर लें। इसके बाद इस लेप को सिर पर लगाकर 1 से 2 घण्टे बाद धोने से बाल उग आते हैं। इसका प्रयोग एक महीने तक करने से लाभ मिलता है।

• 100 ग्राम नीम के पत्तों को एक लीटर पानी में उबाल लें। इससे बालों को धोकर नीम के तेल को लगाने से बाल उगने लगते हैं।

• नीम के तेल को सूंघने से गंजेपन का रोग दूर हो जाता है।

• नीम का तेल 2-3 महीने रोजाना बालों के उड़कर बने चकत्ते पर लगाने से बाल उग आते हैं।

 

47. परवल

• कड़वे परवल के पत्तों का रस सिर के गंजेपन पर लगाने से लाभ होता है।

 

48. दही

• दही को तांबे के बर्तन से ही इतनी देर रगडे़ कि वह हरा हो जाए। इसे सिर में लगाने से गंजेपन की जगह बाल उगना शुरू हो जाते हैं।

 

49. अपामार्ग

• कड़वे तेल (सरसों) में अपामार्ग के पत्तों को जलाकर मसल लें और मलहम बना लें। इसे गंजे स्थानों पर नियमित रूप से लेप करते रहने से पुन: बाल उगने की संभावना होगी।

 

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